गणतंत्र दिवस प्रत्येक साल 26 जनवरी को मनाया जाता है. गणतंत्र दिवस के दिन भारत को संविधान लिखा गया था आइए हम को जानते हैं गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है और इसमें हमें क्या होता है
गणतंत्र दिवस क्या होता है
प्रत्येक साल भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह 72 वां गणतंत्र दिवस है जो कि भारत देश मनाया जा रहा है। गणतंत्र दिवस का मतलब होता है गिना हुआ दिन। गणतंत्र दिवस भारत प्रत्येक साल 26 जनवरी को मनाया जा रहा है और आगे भी मनाते रहेगा। गणतंत्र दिवस के दिन भारत में सभी स्कूलों कॉलेजों और सभी धार्मिक स्थलों पर झंडा फहराया जाता है।
इसी दिन भारत में संविधान लागू किया गया था गणतंत्र दिवस के दिन हम लोग काफी सारे स्कूलों कॉलेजों और बहुत सारे अस्पतालों में धरती मां को पूजने के लिए और बतन को रक्षा करने के लिए गणतंत्र दिवस के रूप में झंडा फहराते हैं। इसी दिन हमारा भारत का संविधान लागू किया गया था और कई सारे नेताओं ने मिलकर गणतंत्र दिवस के रूप में 26 जनवरी को मनाया गया है। यह दिन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण और बहुत सौभाग्यशाली दिन माना जाता है।
गणतंत्र दिवस क्यों मानते है।
गणतंत्र दिवस का सबसे पहला झंडा हमारे देश के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर फहराया जाता है
गणतंत्र दिवस के दिन सभी स्कूलों और बड़े-बड़े कंपनियों से लेकर बहुत बड़े नेता भी सभी लोग जो किया भारत मां को रक्षा करते हैं वह झंडा फहराते हैं और भारत मां को स्पर्श करते हैं
हमारे देश के प्रधानमंत्री भारत देश में गणतंत्र दिवस के दिन भाषण देते हैं और भारत मां को जय हिंद का नारा लगाते हैं हमारे देश के बहुत सारे बड़े नेता भी झंडे को सलामी देते हैं। गणतंत्र दिवस हमलोग इसलिए मनाते हैं क्योंकि इसी दिन हमारे भारत देश में संविधान लागू किया गया था।
हमारे भारत देश में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था जिसके अनुसार आज हम लोग उसी संविधान को पालन करते हैं और आगे भी पालन करते रहेंगे।
हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को ही आजाद हो गया था पर देश को चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता थी उसी संविधान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखा गया था। लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान को लागू कर दिया गया है। हम लोग पहले का ही संविधान लेकर आज भी उस सविधान को अच्छी तरह से पालन करते हैं।
हमारे भारत देश संविधान को लिखने के लिए बहुत सारे बड़े नेताओं और बहुत सारे विद्वानों से सलाह लेकर लिखा गया है।
भारत को आजादी कब मिली
हमारे भारत देश को आजाद कराने के लिए बहुत से बड़े-बड़े नेताओं और बहुत बड़े-बड़े विद्वानों ने अपना जान कुर्बान कर दिया है जैसा कि आप जानते हैं कि बहुत सारे नेताओं ने हमारे देश को बहुत अच्छी तरह से आजादी दिलाई है।
पहले हमारा देश भारत अंग्रेजों के गुलाम थे और उस समय हमारी धरती मां भी अंग्रेजों के बंधन में बंधी हुई थी और हमारे देश के बहुत सारे वीर सपूतों ने अपना जान को दांव पर लगाकर हमें आजादी दिलाई है।
अगर आज भी हम लोग आजाद नहीं होते तो अंग्रेजों की बात मानना पड़ता है और अंग्रेजों की गुलामी भी करना पड़ता। हमारे देश बहुत साल पहले गुलामी की जंजीर में था। हमें बहुत साल पहले अंग्रेजो का बात मानना पड़ता था और हमें गुलामी सहना पड़ता था।
लेकिन आज हम आजाद है और अंग्रेजो को अपने देश में बोड़ा बिस्तर के साथ उससे मार पिट कर रबना कर दिया। आज का दिन को देखने केलिए न जाने कितने बीर महापुरुष ने बलिदान दे दिया है।
कई माँ का बेटा कुर्बान हो गया है और कई पत्नी का सिंदूर धूल गया है। ना जाने कई लोगों ने अपनी जान को निछावर कर दिया है सिर्फ आज का दिन देखने के लिए कई लोगों ने अपने प्राण को भी त्याग दिया है।
भारत का संविधान किसने लिखा
हमारा देश भारत पहले सोने का चिड़िया कहा जाता था। और हमें भारत से बहुत लगाव और प्यार था लेकिन अंग्रेजों ने आकर हमारे भारत देश को बहुत लुटा। हमारे भारत को खोखला करके चला गया। हमारे भारत देश में संविधान लिखने के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जैसे का जनम हुआ।
हमारे देश भारत का संविधान लिखने के लिए है 2 साल 11 माह और 18 दिन का समय लगा।
भारत के संविधान लिखने के लिए बहुत सारे भारत के देशवासियों और बड़े-बड़े नेताओं ने मिलकर एक सम्मेलन किया। और उस सम्मेलन में कई सारे लोगों ने अपने अपने विचार को रखा और सभी को विचार मद्देनजर रखते हुए एक संविधान को तैयार किया गया।
संविधान के अनुसार भारत में सभी लोग एक सम्माननीय हैं। भारत में संविधान के अनुसार सभी लोगों को एक मूल और अधिकार दिया गया है। संविधान के अनुसार सभी लोग बराबर है सभी को आजादी मिलनी चाहिए और बहुत सारी अच्छी-अच्छी बातें जो कि संविधान में लिखा गया है।
भारत में संविधान की जरूरत सभी के होती है चाहे वह बड़े इंसान क्यों न हो या चाहे वह किसान क्यों ना हो सभी को संविधान के अनुसार एक बराबर हिस्सा माना जाता है।
आज के संविधान के अनुसार आप देश में कहीं भी जा सकते हैं। घूम सकते सकते हैं और आपको पूरी आजादी है।
गणतंत्र दिवस के दिन स्कूल और कॉलेज
गणतंत्र दिवस के दिन सभी स्कूलों और कॉलेजों में झंडा फहराया जाता है और भारत मां को सलामी किया जाता है। गणतंत्र दिवस के दिन लोग, बच्चों और बहुत सारे बुजुर्गों भी मिलकर झंडा फहराते हैं। .
गणतंत्र दिवस प्रतेक साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस के दिन बहुत सारे बच्चों और dance और pledge, red york भी निकालते है .
हमारे देश की राजधानी दिल्ली में बच्चों झंडा लेकर सभी स्थानों पर जाते हैं और झंडा घर पर आते हैं और नारे भी लगाते है।
हमारे झंडे में 3 रंग होते हैं सबसे ऊपर हमारे झंडे में केसरिया रंग होता है और बीच में उजला होता है और नीचे में हरा रंग होता है। हमारा झंडा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई को एक का प्रतीक करता है। झंडा में ऊपर केसरिया रंग जो कि हमारे देश के हिंदू लोगों का प्रतीक करता है बहुत सारे भगत ऋषि मुनि केसरी रंग का कपड़ा पहनते हैं . इसीलिए हमारा देश में केसरिया रंग का प्रतीक हिंदू होता है।
हमारे झंडे में बीच का रंग उजला होता है क्योंकि वह सच्चाई और शांति का प्रतीक करता है। और लास्ट में हमारे झंडे में हरा रंग होता है जो कि हमें हरियाली का प्रतीक करता है।
हमारे देश को आजाद करने के लिए बहुत सारी नेताओं ने जान कुर्बान कर दिया है जिसके कुछ नाम है:-
महात्मा गाँधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, राजेंद्र प्रसाद, डॉ भीम राम अमेडकर ,बीर तिलक सिंह इत्यादि
⛳⛳⛳⛳⛳जय हिन्द जय भारत
if you have any doubt. please let me know